तुम क्यूँ चली गयी
जुल्फों के बादल में चेहरे को छुपाकर
नजरो को मेरी नजरो से चुराकर
तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
मैं तो चाहता था तुम्हारी एक नजर अपनी चेहरे पर
पर नजरो को तुमने फेर लिया अपनी आँखों को झुकाकर
तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
एक बार तो मुझे प्यार से देखो अपनी नजरे उठाकर
तब तुम ख़ुशी महसूस करोगी अपनी परछाई को मेरी नजरो में पाकर
लेकिन तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
मैं तो खुश था तुम्हे अपनी बाँहों में पाकर
लेकिन तुम तो चली गयी मुझसे शरमाकर
नजरो को मेरी नजरो से चुराकर
तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
मैं तो चाहता था तुम्हारी एक नजर अपनी चेहरे पर
पर नजरो को तुमने फेर लिया अपनी आँखों को झुकाकर
तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
एक बार तो मुझे प्यार से देखो अपनी नजरे उठाकर
तब तुम ख़ुशी महसूस करोगी अपनी परछाई को मेरी नजरो में पाकर
लेकिन तुम क्यूँ चली गयी मुझसे शरमाकर
मैं तो खुश था तुम्हे अपनी बाँहों में पाकर
लेकिन तुम तो चली गयी मुझसे शरमाकर